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Bamkimchandra Chattopadhyay

बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय

बांगला के प्रथम मौलिक उपन्यासकार। भारतीय राष्ट्रगान ‘वन्दे मातरम्' के रचयिता। जन्म : 26 जून, 1868 ई. को पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना के कांठालपाड़ा में। प्रारंभिक शिक्षा कांठालपाड़ा, मेदिनीपुर, हुगली और कलकत्ता में। कलकत्ता विश्वविद्यालय के प्रथम स्नातक, साथ ही 1869 में प्रथम श्रेणी में बी.एल.। आरम्भ में ही डिप्टी मजिस्ट्रेट फिर डिप्टी कलक्टर! छात्रावस्था से ही साहित्य में अभिरुचि। मात्र 56 वर्ष के अल्प जीवनकाल में ही विपुल साहित्य का सृजन। न सिर्फ बांगला बल्कि भारत की अन्यान्य भाषाओं के साहित्य को भी गहरे प्रभावित किया। प्रमुख कृतियां : दुर्गेशनन्दिनी, कपालकुण्डला, मृणालिनी, विषवृक्ष, इन्दिरा, युगलांगुरीय, चन्द्रशेखर, राधारानी, रजनी, कृष्णकान्त का वसीयतनामा, राजसिंह, आनन्दमठ, देवी चौधुरानी, सीताराम आदि।