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Banphool

बनफूल

जन्म : 19 जुलाई 1899 को बिहार के पूरणिया जिले के मणिहारी नामक गाँव में। मृत्यु : 1979 में। कोलकाता और पटना मेडिकल कॉलेज से डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे पटना मेडिकल कालेज और  अजीमगंज अस्पताल में कुछ समय तक काम करते रहे। बचपन से ही उन्होंने कविता लिखना शुरू कर दिया था। उनका मन वन-जंगलों में इतना लगता था कि उन्होंने अपना नाम 'बनफूल' ही रख लिया। बाद में वे कहानी और उपन्यास भी लिखने लगे। मनोनुकूल परिस्थिति न मिलने के कारण उन्होंने नौकरी छोड़कर मणिहारी गॉंव के पास ही 'दि सेरो क्लिनिक' की स्थापना की। 1968 ई. में उनहत्तर वर्ष की उम्र में भागलपुर को हमेशा के लिए छोड़कर वे कोलकाता में बस गये।  
चर्चित कृतियॉं : 'जंगम', 'रात्रि', 'अग्निश्वर', 'भुवन सोम', 'हाटे बाजारे', 'स्थावर', 'दो मुसाफिर', 'लक्ष्मी का आगमन' आदि कुल  56 उपन्यास। लघु कथाओं के दो संग्रह तथा कविता आदि विविध विधाओं पर अन्यान्य कृतियां।