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Budhdev Guha

बुद्धदेव गुहा

बांग्ला के लोकप्रिय कथा-शिल्पी बुद्धदेव गुहा पेशे से चार्टर्ड अकाउण्टेण्ट हैं। दस वर्ष की छोटी उम्र में ही ‘शिकार' में अभिरुचि जगी जो उन्हें वनों-जंगलों में दीवानगी की हद तक भटकाती रही। श्री गुहा ने इंग्लैण्ड समेत प्राय: समूचा यूरोप, कनाडा, यू.एस. ए., हवाई द्वीप, जापान, थाइलैण्ड, पूर्वी अफ्रीका आदि की यात्रायें की एवं पूर्वी भारत के वन प्रान्तरों, पशु-पक्षियों और इनसानों की अन्तरंगता हासिल की। किशोर साहित्य के क्षेत्र में इन्होंने काफी काम किया है—’ऋजुदा के साथ जंगल में' इनकी पहली कृति थी। प्रमुख कृतियां : ‘ऋभु', ‘चबूतरा', ‘कोयल के निकट', ‘पूजा के समय', ‘चापरास', ‘दर्पण के सामने', ‘सुबह से पहले', ‘शाम के बाद', ‘थोड़ी उष्णता के लिए', (सभी उपन्यास), ‘बुद्धदेव गुहा की चर्चित कहानियां' आदि। कई कृतियों पर टी.वी. कार्यक्रम और फिल्में। सन् 1977 में प्रतिष्ठित ‘आनन्द पुरस्कार' से सम्मानित।