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Doodhnath Singh

दूधनाथ सिंह

जन्म : 17 अक्तूबर, सन 1936 ई.। शिक्षा : एम. ए. (हिन्दी साहित्य), इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद। कार्य : इलाहाबाद विश्वविद्यालय, हिन्दी विभाग में अध्यापन। अब सेवा-निवृत्त। पुस्तकें : उपन्यास : आखिरी कलाम, निष्कासन, नमो अन्धकारं। कहानी-संग्रह : सपाट चेहरेवाला आदमी, सुखान्त, प्रेम कथा का अन्त न कोई, पहला कदम, माई का शोकगीत, धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे। कविता-संग्रह : अगली शताब्दी के नाम, सुरंग से लौटते हुए, एक और भी आदमी है। आलोचना : निराला : आत्महन्ता आस्था, उचित-अनुचित, अनुभव का अकेलापन, कहासुनी। नाटक : यमगाथा। संस्मरण : लौट आ, ओ धार। संपादन : तारापथ (श्री सुमित्रानन्दन पन्त की कविताओं का चयन और भूमिका), चुनी हुई रचनाए¡ (निराला की चुनी हुई रचनाओं का संपादन और भूमिका), दो शरण (निराला की चुनी हुई रचनाओं का संपादन और भूमिका), दो शरण (निराला के भक्तिगीतों का चयन-संपादन और भूमिका)। अनुवाद : देश-विदेश की विभिन्न भाषाओं में। सम्मान : ‘यमगाथा' नाटक पर उत्तर प्रदेश, हिन्दी संस्थान द्वारा ‘भारतेन्दु हरिश्चन्द्र सम्मान' (1989)। ‘लौट आ, ओ धार' पर मध्य प्रदेश संस्कृति मन्त्रालय द्वारा ‘शरद जोशी स्मृति सम्मान' (2003)। समग्र लेखन पर ‘कथा-क्रम' सम्मान (2003), साहित्य भूषण (2004, उत्तर प्रदेश, हिन्दी संस्थान) सम्मान। सम्प्रति : ‘भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, राष्ट्रपति निवास, शिमला में फिलहाल फैलो के रूप में अध्ययनरत। सम्पर्क : बी-7, ए.डी.ए. कॉलोनी, प्रतिष्ठानपुरी (नई झूंसी), इलाहाबाद-221506