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Himanshu Joshi

हिमांशु जोशी

जन्म ज् 4 मई 193भ् (उत्तरांचल)। बहुचर्चित •हानी•ार-उपन्यास•ार। गत पचास वर्षों से लेखन में सç•्रय। •ृतिया¡ ज् क्वअन्ततज्ं, क्वरथच•्रं,  क्वमनुष्य-चिqं, क्वजलते हुए डैनें, क्वइस बार फिर बर्फ गिरी तों, क्वनंगे पा¡वों •े निशानं, क्वसागर-तट •े शहरं, आदि (•हानी-संग्रह)। क्वअरण्यं, क्वमाहसागरं, क्वछाया मत छूना मनं, क्व•गार •ी आगं, क्वतुहारे लिएं, क्वसमय साक्षी हैं, क्वसु-राजं (उपन्यास) । क्वअçग्न-सभवं, क्वनील नदी •ा वृक्षं (•विता-संग्रह)। क्वयात्राए¡ं, क्वनावेü ज् सूरज चम•े आधी रातं, क्वयातना शिविर मेंं (यात्रा-वृत्तान्त)। अने• रचनाए¡ अ¡ग्रेजी, नवेüजियन, इटालियन, चे•, स्लाव, बुल्गारियन, चीनी, जापानी, •ोरियन, बर्मी, नेपाली और भारतीय भाषाओं में रूपान्तरित। •ुछ •ृतिया¡ दूरदर्शन, रंगमंच तथा चित्रपट •े माध्यम से भी प्रस्ाारित। पुरस्•ार/समान ज् उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ, •ेन्द्रीय हिन्दी संस्थान आगरा, (मानव संस्•ृति वि•ास मन्त्रालय), हिन्दी अ•ादेमी दिल्ली आदि अने• संस्थानों से पुरस्•ृत-साानित। सप•ü ज् 7/सी-2, हिन्दुस्तान टाइस अपार्टमेण्ट्स, मयूर विहार, फेज-1, दिल्ली-110091