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Jai Shanker Prasad

जयशंकर प्रसाद

जन्म : 30 जनवरी, 1880, वाराणसी (उ.प्र.) में। स्कूली शिक्षा मात्र आठवीं कक्षा तक। घर पर ही संस्कृत, अंग्रेजी, पालि और प्राकृत भाषाओं का अध्ययन तथा भारतीय इतिहास, संस्कृति, दर्शन साहित्य और प्राचीन ग्रन्थों का स्वाध्याय। पिता  के साथ बचपन में ही अनेक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों की यात्रायें यशस्वी छायावाद के प्रमुख स्तम्भ। कवि, कथाकार, नाट्यकार और उपन्यासकार! मात्र 48 वर्षों के अल्प जीवन काल में विपुल लेखन।  14 जनवरी 1937 को वाराणसी में निधन। प्रमुख रचनाएँ : झरना, ऑंसू, लहर, कामायनी (काव्य) स्कन्दगुप्त, चन्द्रगुप्त, ध्रुवस्वामिनी, जनमेजय का नागयज्ञ, राज्यश्री (नाटक) छाया, प्रतिध्वनि, आकाशदीप, ऑंधी, इन्द्रजाल (कथा संग्रह) कंकाल, तितली, ईरावती (अधूरा) उपन्यास।