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Japhar Pyami

ज़फर पयामी

उर्दू साहित्य जगत में ज़फर पयामी के नाम से विख्यात दीवान बीरेन्द्रनाथ उन गिने-चुने लेखकों में हैं जिन्होंने एक साथ साहित्य और पत्रकारिता में विशिष्ट स्थान प्राप्त किया। 
उनका जन्म 1932 में कपूरथला (पंजाब) के प्रसिद्ध दीवान खानदान में हुआ था। कश्मीर विश्वविद्यालय से 1951 में बी.ए. आनर्स और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1953 में राजनीति में एम.ए. में उच्च स्थान प्राप्त करने के बाद वे अनेक विदेशी और राष्ट्रीय अखबारों से संबद्ध रहे। वे भारत के पड़ोसी देशों, विशेष रूप से पाकिस्तान और पश्चिमी एशिया के मामलों के विशेषज्ञ माने जाते थे। इन विषयों पर उर्दू, हिन्दी और अंग्रेजी में उनकी कई पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। दीवान बीरेन्द्रनाथ ने अपने पैन्तीस वर्ष लम्बे पत्रकार और लेखक जीवन में संसार के लगभग सभी देशों का दौरा किया तथा एशिया और अफ्रीका में विश्व-महत्त्व की बीसियों ऐतिहासिक घटनाओं की आँखों देखी रिपोर्टिंग करके साहित्य और पत्रकारिता दोनों में एक नयी किस्म की शैली की शुरूआत करने का भी श्रेय प्राप्त किया। उनका उपन्यास ‘फरार' उर्दू उपन्यास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मोड़ की कीर्ति हासिल कर चुका है। निधन : 10 दिसंबर, 1989।