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Oskar Waild

ऑस्कर वाइल्ड

'ऑस्कर फिन्गाल ओ' फ्लाहर्टी विल्स वाइल्ड—कितना बड़ा नाम था उनका!...पर वह सारी दुनिया में केवल ऑस्कर वाइल्ड के नाम से ही जाने गये; और यह नाम इतना प्रसिद्ध हुआ कि सारी दुनिया में धूम मचा दी। ऑस्कर वाइल्ड के पिता सर्जन थे और उनकी माँ कवयित्री। उन्हें कविता के संस्कार माँ से ही मिले। वह टि्रनिटी कॉलेज और ऑक्सफोर्ड में पढ़े। क्लासिक्स और कविता में उनकी विशेष गति थी। 19वीं शताब्दी के आखिरी दशक में उन्होंने ‘सौन्दर्यवादी' आन्दोलन का नेतृत्व  किया। उस समय के प्रबुद्ध विचारकों में उनकी गिनती होती थी। उन्होंने कविता, उपन्यास और नाटक लिखे। ‘द पिक्चर ऑफ डोरियन ग्रे' (अपनी छाया) उनका प्रथम और अन्तिम उपन्यास था, जो 1890 में पहली बार प्रकाशित हुआ। अंग्रेजी साहित्य में उनकी प्रसिद्धि पूरे यूरोप में शेक्सपियर के बाद प्रथम स्थान पर थी। उनकी कृतियों के अनुवाद विश्व की अनेक भाषाओं में हो चुके हैं। ‘द बैलेड ऑफ रीडिंग गोल' और ‘डी प्रोफनडिस' उनकी प्रसिद्ध कृतियां हैं। ‘लेडी विण्डरमर्स फेन' और ‘द इम्पोर्टेंस ऑफ बीइंग अर्नेस्ट' तथा ‘सलोनी' जैसे नाटक भी बहुत लोकप्रिय हुए। उन्होंने परीकथाएं भी लिखीं, जो काफी चर्चित हुईं।