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Rajendra Yadav

  राजेन्द्र यादव

जन्म : 1929 शिक्षा : एम. ए. (1951)।  नयी कहानी आन्दोलन के प्रणेता कहे जानेवाले राजेन्द्र यादव ने हिन्दी साहित्य में एक प्रयोगशील नयी धारा के कथाकार के रूप में अपनी सशक्त पहचान बनायी। प्रकाशित कृतियां : 'सारा आकाश' (1959) (यह उपन्यास पहले 'प्रेत बोलते हैं' के नाम से 1951 में छपा था), 'उखड़े हुए लोग', 'शह और मात' (1959), 'अनदेखा अनजान पुल' (1963), 'एक इंच मुसकान', (मन्नू भण्डारी के साथ मिलकर  लेखन (1963) 'कथा शिखर' (1994) (उपन्यास)। 'देवताओं की मृत्यु' (1951), 'खेल खिलौने' (1953), 'जहाँ लक्ष्मी कैद है' (1957), 'छोटे छोटे ताजमहल' (1961), 'किनारे से किनारे तक' (1962), 'ढोल और अपने पार' (1966), 'पर्व-1, पर्व-2' (1989), 'वहाँ तक पहुँचने की दौड़' (कहानी संग्रह)। 'आवाज तेरी है' (1960) (कविता संग्रह)। इनके अलावा आलोचना और साक्षात्कार की ढेरों किताबें। सम्मान/पुरस्कार : शिवपूजन सहाय सम्मान 1998, शलाका सम्मान 2003।