Loading... Please wait...

Samresh Basu

समरेश बसु

जन्म : सन् 1924 ई0 बेहद वैचित्र्यपूर्ण जीवन। सन् 1946 में उनकी पहली कहानी ‘आदाब' प्रकाशित। पहला उपन्यास ‘नयनपुरेर माटी।' पहली बार पुस्तक रूप में प्रकाशित उपन्यास ‘उत्तरंग।' ‘कालकूट' छद्मनाम से लिखी उनकी रचनाओं में ‘अमृतकुम्भेर सन्धाने' बहुचर्चित रही, कालकूट के नाम से लिखा गया ‘शाम्ब' उपन्यास 1980 में साहित्य अकादेमी से पुरस्कृत। ‘विवर' और ‘प्रजापति' उपन्यास भी कभी चर्चा के केन्द्र में रहा। ज्वलन्त विषय पर लिखे इस उपन्यास पर अश्लीलता का आरोप भी लगा, पर अन्त में जीत लेखक की ही हुई। उनके असमय देहावसान से बांग्ला साहित्य की अपूरणीय क्षति हुई है।