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Sheershendu Mukhopadhyay

शीर्षेन्दु मुखोपाध्याय

जन्म : 2 नवम्बर, 1935 बंगाल के मेमनसिंह जिले में। (अब बांग्लादेश) पिता रेलवे की सरकारी नौकरी में थे, सो शीर्षेन्दु का बचपन पिता के साथ जगह-जगह घूमते हुए बीता। उनके लेखन में उन जगहों का विवरण मिलता है। कलकत्ता विश्वविद्यालय से बांग्ला भाषा में एम.ए. के बाद स्कूल शिक्षक के रूप में जिन्दगी शुरू की। आगे चलकर आनन्दबाजार पत्रिका से संबद्ध। पहली कहानी 1959 में ‘देश' के पूजा विशेषांक में प्रकाशित। पहला उपन्यास ‘धुन पोकर'। पहला बाल उपन्यास—’मनोजदेर अद्भुत बाड़ी'। विपुल मात्रा में बाल साहित्य-सृजन। बाल साहित्य के लिए विद्यासागर सम्मान—1985 दो बार ‘आनन्द पुरस्कार 1973, 1990। ‘मानवजमीन' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार-1988 समकालीन बांग्ला साहित्य के एक लोकप्रिय साहित्यकार के रूप में समादृत।