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Sudha Arora

सुधा अरोड़ा

जन्म : 1946 विभाजन पूर्व लाहौर में। कलकत्ता विश्वविद्यालय से एम. ए.। 1976 से 1971 तक कलकत्ता के दो डिग्री कालेजों में अध्यापन। कहानी संग्रह : ‘बगैर तराशे हुए' (1967), ‘युद्धविराम' (1977), ‘महानगर की मैथिली' (1987), ‘काला शुक्रवार' (2003), ‘कांसे का गिलास' (2004), ‘मेरी तेरह कहानिया' (2005)। उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान द्वारा 1978 में विशेष पुरस्कार से सम्मानित। कहानियां लगभग सभी भारतीय भाषाओं के अतिरिक्त अंग्रेजी, फ्रेंच, पोलिश, चेक, जापानी तथा इतालवी भाषाओं में अनूदित। दूरदर्शन द्वारा कई लघु फिल्मों का निर्माण, कई टी.वी. और रेडियो धारावाहिकों की पटकथा लेखन। 1993 से महिला संगठनों के सामाजिक कार्यों में जुड़ाव, पहले ‘आम आदमी, जिन्दा सवाल' (सारिका), फिर ‘वामा' (जनसत्ता) और ‘औरत की दुनिया' (कथादेश) जैसे लोकप्रिय स्तंभों का लेखन। 
संपादन : ‘औरत की कहानी : श्रृंखला एक तथा दो' तथा भारतीय महिला कलाकारों के आत्मकथ्यों के दो संकलन ‘दहलीज को लांघते हुए' और ‘पंखों की उड़ान'। संपर्क : ‘वसुन्धरा', 602, गेटवे प्लाजा, हीरानन्दानी गार्डेन्स, पवई, मुंबई - 400076