Loading... Please wait...

Bang Mahila Rachna Samgra

RRP:
Rs 360.00
Your Price:
Rs 270.00 (You save Rs 90.00)
ISBN:
81-89850-54-7
Author:
Cover:
Quantity:
Bookmark and Share


Preface

बंग महिला रचना-समग्र 

हिन्दी साहित्य में नारी आधुनिकता का शंखनाद करनेवाली 'बंग महिला' (श्रीमती राजेन्द्रबाला घोष) जन्म से भले ही बांग्लाभाषी थीं, परन्तु, लेखन से वे एक सम्पूर्ण हिन्दी महिला थीं। स्त्री विमर्श की तल्ख शुरुआत साहित्य में उन्हीं ने की थी। बीसवीं सदी के शुरु होते-होते बाईस वर्षीया बंग महिला ने हिन्दी के लेखकीय जगत में जो कमाल किया है, उसे समझे बिना हिन्दी साहित्य का इतिहास पूरा नहीं हो सकता।

बंग महिला को दिवंगत हुए लगभग पैंसठ वर्ष हो गये हैं, परन्तु उनके लेखन की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। उन्होंने अपनी व्यंग्यात्मक शैली द्वारा भारतीय समाज को उदासी की कारा से मुक्त करने का प्रयास किया था। अगर आज बंग महिला के लेखन की सन्तुलित समीक्षा की जाए तो लगेगा कि समय बीतने के साथ वे और भी प्रासंगिक होती जा रही हैं।

बंग महिला की रचनाओं का प्रस्तुत संकलन नारी लेखन के हिन्दी इतिहास का नया अध्याय साबित होगा। पाठकों को भी इस संकलन की रचनाओं से कभी नयी जानकारियां प्राप्त होंगी।


Find Similar Books by Category


You Recently Viewed...