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Is Trah Ki Batein

RRP:
Rs 270.00
Your Price:
Rs 203.00 (You save Rs 67.00)
ISBN:
81-89914-38-3
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Preface

इस तरह की बातें 

मनुष्य के मर्म की पड़ताल करतीं सिम्मी हर्षिता की कहानियां व्यक्ति, मन और समाज को परत-दर-परत इतने संस्श्लष्ट ढंग से उकेरती और उद्घाटित करती हैं कि पाठक सहज ही उनसे तादात्मय स्थापित कर लेता है।

समाज और व्यक्ति-मन के अंधेरों की गहराइयों को थाहती ये कहानियां नितान्त सूक्ष्म ढंग से उजालों की ओर भी संकेत करती हैं और पाठक खुद को अनुभव, बोध और दृष्टि के स्तर पर अधिक समृद्ध, अधिक जीवन्त महसूस करता है।

अपने विशिष्ट प्रयोगों और अन्तज् और बाह्य लय के कारण इन कहानियों की भाषा मोहित और चमत्कृत करती है। आशा है, हर बार की तरह पाठक सिम्मी हर्षिता के इस नये कहानी संग्रह का भी स्वागत करेंगे।


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