Loading... Please wait...

Meri Aastha Bharat

Price:
Rs 650.00
ISBN:
978-81-89962-77-7
Author:
Quantity:
Bookmark and Share


Preface

अटल जी बस अटल जी हैं। अनुपमेय। आज के वातावरण में व्याप्त राजनीतिक कलुश में उनकी बातें सबको बहुत याद आती हैं। इस वर्ष हम श्रीनगर में प्रथम ऐतिहासिक डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस मनाने गए,तो हमारी विचारधारा के घोर विरोधी वरिष्ठ नेता भी वहां कहते पाए गए-‘अटल जी की नीति पर चलते तो कष्मीर मं  ये दिन देखने को नहीं मिलते।’
   इस ग्रन्थ को रुपाकार देने में अनेक सहयोगियों का कृपालु स्नेहिल योगदान अविस्मरणीय है। प्रिय प्रमोद कौषिक, मंगल सिंह नेगी,अमरजीत सिंह,अमित रैना और विवेक जी का हार्दिक आभार। अनन्य मित्र राघव भैया और मयंक ठीक वक्त पर,ठीक परिणाम हेतु,कमर कस कर आए। भाई अतुल गर्ग जी ने हमेषा की तरह साथ दिया। और वह गगन में चमकती कौंध सी आभा लिए षैल-पुत्री का कैसे वन्दन करूं?मां,अम्मा का आषीर्वाद साथ रहता है तो काम बनते ही है। ऋत्विक और षाम्भवी का चुलबुलापन ताकत देता है।
अटल जी दीर्घायु हों। उनका जीवन षतषत वसंतों की उत्सवी गंध से सुवासित रहे। वे भारत के राश्ट्रीय नेतृत्व का मानक बने हैं। यह मानक भारत को उजाला दे।


Find Similar Books by Category


You Recently Viewed...