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Nanni Gogo Ke Karname

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ISBN:
81-89914-28-6
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Preface

नन्ही गोगो के अजीब कारनामे 

वह जोर से चिल्लायी भी—''मैडम-मैडम...!'' पर क्लास के बच्चे मजे में हंस रहे थे। गोगो समझ गई कि यह उड़ने वाली काली चिड़या उड़ती रहेगी। पास में हवाई जहाज भी उड़ेगा, मगर दोनों एक-दूसरे से टकरायेंगे नहीं।

थोड़ी देर बाद गोगो के मन में आया, जरा चिड़या को पकड़ा जाये। वह चिड़या को पकड़ने उसके-उसके पीछे भागी, पर गोगो पीछे-पीछे, चिड़या आगे...! चिड़या उसके हाथ में आती ही नहीं थी। यह देख, गोगो पहले झुंझलायी, फिर हंस पड़ी। फिर वह हवाई जहाज को पकड़ने भागी,  मगर हवाई जहाज ने और भी दौड़ाया, और भी छकाया, तो गोगो हारकर अपनी जगह खड़ी होकर तालिया¡ बजाने लगी। और जोर से चिल्लायी—''बाय-बाय हवाई जहाज, बाय-बाय!'' वह भूल गई कि वह घर में है या स्कूल में।

फिर तो और सब बच्चे भी गोगो के साथ किलकारियां मारकर हंसने लगे।

तब तक आधी छुट्टी का समय हो गया। और बच्चों के साथ गोगो  ने भी लंच किया। फिर ड्राइंग, गिनती और ए-बी-सी-डी की क्लासें हुईं। गोगो को बहुत अच्छा लग रहा था, क्योंकि वह तो पहले भी सब कुछ जानती थी। मैडम ने पूछा, तो उसने सारे सवालों के सही जवाब दिये। छुट्टी हुई, तो मम्मी उसे लेने आ पहुंचीं। 


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