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Yoorop Ke Scatch

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ISBN:
81-89914-43-x
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Preface

यूरोप के स्कैच 

सर्दी एकाएक बढ़ गई और हमें अपने सारे गरम कपड़े ट्रंकों में से निकालने पड़े। आकाश में बादल छा गए और समुद्र में लहरें भी धमाचौकड़ी मचाने लगीं। जहाज कागज की नाव की भांति डोलने लगा। उसकी गति 12 मील प्रतिघंटे से 8 मील की हो गई और लहरें इतनी ऊंची उठी कि डेक पर खड़े होना दूभर हो गया। परन्तु नेपल्स के आस-पास होने के कारण यह अधिक देर नहीं रह सका नहीं तो चक्करों के कारण बुरा हाल हो जाता।

बीच में एक टापू दिखाई दिया जहाँ नैपोलियन को पहले कैद करके भेजा गया था। और अन्त में एक सुबह हम इटली के प्रसिद्ध बन्दरगाह नेपल्स पहुँच गये। बहुत से यात्री वहीं उतर गये और उनसे विदा लेते समय मैं सोच रहा था कि जिन्दगी के ऐसे कितने ही छोटे-छोटे परिचय होते रहते हैं और उन व्यक्तियों से कभी मिलने का अवसर प्राप्त नहीं होता। यह सोचकर दुःख ही हुआ। बन्दरगाह से बाहर निकलते ही युद्ध का शिकार बने हुए इटली का परिचय वहा रहनेवालों से मिला। किस प्रकार लोग सिगरेट के फेंके हुए टुकड़ों पर झपटते थे, कैसे सड़कों पर चलते लोग फटेहाल घूमते थे, परन्तु शहर के अन्दर पहुँचकर नेपल्स की दूसरी दुनिया का भी आभास मिलाँ यहाँ पांच या छह मंजिली इमारतें थीं सूटों या नवीन स्कर्टों में चिपटे नर-नारी थे, दुनियाभर का सामान सजाये बड़ी-बड़ी दुकानें थीं। मैं चार-पांच पादरियों के साथ था जो रोम जा रहे थे। उनके साथ कुछ गिरिजों को देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।


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